ल्यूटियल फेज़ में नींद में बदलाव
नींद की गुणवत्ता क्यों गिरती है, प्रोजेस्टेरोन और मेलाटोनिन टिप्स
नींद में खलल क्यों
प्रोजेस्टेरोन दिन में नींद लाता है लेकिन बढ़ा तापमान रात में सोना मुश्किल करता है। ल्यूटियल में REM नींद कम और हल्की नींद ज़्यादा होती है।
इसका मतलब कुल मिलाकर कम गहरी नींद।
बेहतर नींद की स्थितियाँ
बेडरूम 65-68°F रखो। प्राकृतिक फ़ाइबर की चादरें इस्तेमाल करो। सोने से पहले ठंडा शॉवर कोर तापमान गिराता है।
सोने से एक घंटा पहले रोशनी कम करो। नियमित सोने का शेड्यूल ज़रूरी है।
सप्लीमेंट और प्राकृतिक उपाय
मैग्नीशियम ग्लाइसिनेट (200-400mg) सोने से पहले। तीखे चेरी का जूस मेलाटोनिन का प्राकृतिक स्रोत। कैमोमाइल चाय।
दोपहर बाद कैफीन से बचो। शराब शुरू में नींद लाती है लेकिन बाद में बिगाड़ती है।
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Quick Tip
ल्यूटियल फेज़ में सोने से 30 मिनट पहले मैग्नीशियम ग्लाइसिनेट (200-400mg) लो — नींद और ऐंठन दोनों में मदद।
यह सामग्री केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अपने स्वास्थ्य से संबंधित प्रश्नों के लिए हमेशा अपने स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से परामर्श करें।

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